| Paper Title | भारतीय जनजातीय समुदायों में भूमंडलीकरण के प्रभाव: परंपरा, पहचान एवं सामाजिक परिवर्तन का अध्ययन |
| Author(s) | Anshu Singh. |
| Country | India |
| Abstract | यह शोध पत्र भूमंडलीकरण के भारतीय जनजातीय समुदायों पर बहुआयामी प्रभावों विशेषकर परंपरा, पहचान और सामाजिक परिवर्तन का विश्लेषण करता है। 1990 के दशक से आरंभ उदारीकरण नीतियों ने इन समुदायों को वैश्विक बाजार, डिजिटल संचार और औद्योगिक विकास से जोड़ा, जिसके फलस्वरूप सांस्कृतिक प्रथाओं का बाजारीकरण, पारंपरिक ज्ञान का क्षरण, और सामाजिक संस्थाओं का विखंडन हुआ। द्वितीयक आंकड़ों (जनगणना, सरकारी रिपोर्टें, शोध पत्र) पर आधारित यह वर्णनात्मक-विश्लेषणात्मक अध्ययन मध्य भारत एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों के जनजातीय परिदृश्यों पर केंद्रित है। परिणाम दर्शाते हैं कि भूमंडलीकरण ने दोहरी प्रक्रिया चलाई: एक ओर विस्थापन (40%+ जनजातीय प्रभावित), गरीबी (45.3% बीपीएल), भाषा-ह्रास जैसी चुनौतियाँ उत्पन्न कीं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (41% ग्रामीण इंटरनेट) के माध्यम से सांस्कृतिक मुखरता और हाइब्रिड पहचान का निर्माण भी किया। गिडेंस के 'ग्लोकलाइजेशन' एवं कैस्टेल्स के 'प्रतिरोध पहचान' सिद्धांतों से प्रेरित यह अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि जनजातीय समाज आधुनिकता के साथ अनुकूलन कर रहा है, परंतु सतत विकास हेतु भागीदारीपूर्ण नीतियाँ, भाषा संरक्षण और न्यायपूर्ण पुनर्वास अनिवार्य हैं। |
| Subject Area | Sociology |
| Issue | Volume 1, Issue 3 (July - September 2025) |
| Published | 2025/07/15 |
| How to Cite | Singh, A. (2025). भारतीय जनजातीय समुदायों में भूमंडलीकरण के प्रभाव: परंपरा, पहचान एवं सामाजिक परिवर्तन का अध्ययन. Indian Journal of Multidisciplinary Research and Studies, 1(3), 1–7. |
| License |
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