| Article Title |
भारतीय लोकतंत्र में चुनावी सुधारों की आवश्यकता और चुनौतियाँ |
| Author(s) | दिलीप गुप्ता. |
| Country | India |
| Abstract |
भारतीय लोकतंत्र में चुनाव प्रणाली शासन व्यवस्था की आधारशिला मानी जाती है, क्योंकि इसके माध्यम से नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाते हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहाँ नियमित रूप से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का आयोजन किया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारतीय चुनाव प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग, वीवीपैट प्रणाली का समावेश, मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था तथा उम्मीदवारों द्वारा अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि और संपत्ति की घोषणा। इन सुधारों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना तथा मतदाताओं के विश्वास को सुदृढ़ करना रहा है। इसके बावजूद वर्तमान समय में भारतीय चुनाव प्रणाली अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। राजनीति में धनबल और बाहुबल का प्रभाव, राजनीति का अपराधीकरण, चुनावी वित्तपोषण में पारदर्शिता का अभाव तथा मतदाता जागरूकता की कमी जैसी समस्याएँ चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं। इन परिस्थितियों में चुनावी सुधारों की आवश्यकता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रस्तुत शोध-पत्र में भारतीय लोकतंत्र में चुनावी सुधारों की आवश्यकता, अब तक किए गए प्रमुख सुधारों तथा उनके समक्ष उपस्थित चुनौतियों का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। साथ ही भविष्य में चुनाव प्रणाली को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए संभावित उपायों पर भी विचार किया गया है। |
| Area | Political Science |
| Issue | Volume 1, Issue 4 (October - December 2025) |
| Published | 2025/11/10 |
| How to Cite | Indian Journal of Multidisciplinary Research and Studies, 1(4), 20-27. |
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