| Article Title |
भारत की विदेश नीति में पड़ोसी देशों के साथ संबंधों का विश्लेषण |
| Author(s) | दीपक यादव. |
| Country | India |
| Abstract |
भारत की विदेश नीति विश्व राजनीति में उसकी पहचान, शक्ति और रणनीतिक दृष्टिकोण को परिभाषित करती है। विशेषतः पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध उसके भू-राजनीतिक स्थान, ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक जुड़ाव और सुरक्षा आवश्यकताओं से गहराई से प्रभावित हैं। स्वतंत्रता के पश्चात भारत ने ‘पंचशील’, ‘गुटनिरपेक्षता’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ जैसे सिद्धांतों के आधार पर अपनी विदेश नीति का निर्माण किया। परंतु दक्षिण एशिया की जटिल राजनीति, सीमाई विवाद, जल संसाधनों की साझेदारी, आतंकवाद, व्यापार असंतुलन और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे कारकों ने भारत की विदेश नीति को चुनौतीपूर्ण और गतिशील बनाया है। यह शोध-पत्र भारत की विदेश नीति के मूलभूत सिद्धांतों, उसके पड़ोसी देशों (विशेषतः पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और म्यांमार) के साथ संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करता है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत की विदेश नीति एक ओर जहाँ शांति, सहयोग और परस्पर विकास पर आधारित है, वहीं दूसरी ओर यह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हितों और रणनीतिक संतुलन की रक्षा हेतु सशक्त और यथार्थवादी भी होती जा रही है। इस संदर्भ में "पड़ोसी प्रथम" नीति भारत की क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को अभिव्यक्त करती है। |
| Area | Geography |
| Issue | Volume 1, Issue 2 (April - June 2025) |
| Published | 2025/04/25 |
| How to Cite | Indian Journal of Multidisciplinary Research and Studies, 1(2), 25-30. |
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