| Paper Title | भारत की विदेश नीति: बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण |
| Author(s) | राजकिशोर. |
| Country | India |
| Abstract | भारत की विदेश नीति समय के साथ बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप निरंतर विकसित होती रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने अपनी विदेश नीति को शांति, सह-अस्तित्व, गुटनिरपेक्षता तथा पंचशील के सिद्धांतों पर आधारित किया। प्रारंभिक काल में भारत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में संतुलन बनाए रखने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई। शीत युद्ध की समाप्ति, वैश्वीकरण के विस्तार तथा नई वैश्विक शक्तियों के उदय ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों की प्रकृति को परिवर्तित कर दिया है, जिसका प्रभाव भारत की विदेश नीति पर भी पड़ा है। वर्तमान समय में भारत की विदेश नीति अधिक व्यावहारिक, सक्रिय और बहुआयामी स्वरूप ग्रहण कर चुकी है। पड़ोसी प्रथम नीति, एक्ट ईस्ट पॉलिसी, इंडो-पैसिफिक रणनीति तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सक्रिय भागीदारी इसके प्रमुख आयाम हैं। साथ ही चीन और पाकिस्तान के साथ संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा तथा वैश्विक शक्ति संतुलन जैसी चुनौतियाँ भी भारत की विदेश नीति को प्रभावित करती हैं। इस शोध का उद्देश्य बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की विदेश नीति का विश्लेषण करना तथा यह समझना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के परिवर्तन के साथ भारत अपनी कूटनीतिक रणनीतियों को किस प्रकार अनुकूलित कर रहा है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साथ-साथ वैश्विक सहयोग, शांति और विकास को भी प्रोत्साहित करती है। |
| Subject Area | Political Science |
| Issue | Volume 1, Issue 3 (July - September 2025) |
| Published | 2025/08/15 |
| How to Cite | राजकिशोर (2025). भारत की विदेश नीति: बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण. Indian Journal of Multidisciplinary Research and Studies, 1(3), 28–32. |
| License |
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